रिम्स में बदलाव का बिगुल: 200 नए वेंटिलेटर, रोबोटिक सर्जरी और एयरपोर्ट जैसे शौचालय, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बड़े फैसले

Mahak Kumari
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रांची: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान रिम्स में अब बदलाव का नया दौर शुरू होने जा रहा है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित रिम्स शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में मरीजों की सुविधाओं, आधुनिक चिकित्सा तकनीक और मेडिकल शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। बैठक में कुल 19 एजेंडों और 5 अतिरिक्त महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए रिम्स के व्यापक कायाकल्प का रोडमैप तैयार किया गया।

डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा कि रिम्स को देश के अग्रणी सरकारी चिकित्सा संस्थानों की कतार में खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और मेडिकल शिक्षा के स्तर पर अब किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक में रिम्स के लिए 200 अत्याधुनिक वेंटिलेटर खरीदने, रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की प्रक्रिया को तेज करने और मेडिकल छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम स्थापित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके अलावा अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार को हाईटेक स्वरूप देने, ऑर्थोपेडिक वार्ड का पूर्ण पुनर्निर्माण कराने और पूरे परिसर के शौचालयों को एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक एवं स्वच्छ बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए 15 सहायक कर्मियों के साथ आधुनिक हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा। वहीं, एमबीबीएस सीटें बढ़कर 250 होने के बाद आवश्यक भवन, छात्रावास और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विस्तार के लिए तकनीकी आकलन कराने का भी निर्णय लिया गया है।

रिम्स में आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और मशीनों की शीघ्र खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मशीनों के टेंडर पूरे हो चुके हैं लेकिन खरीद आदेश लंबित हैं, उन्हें तत्काल जारी करने को कहा गया है। साथ ही ऑन्कोलॉजी विभाग के लिए रेडियोथेरेपी मशीन की खरीद प्रक्रिया को तेज करने और अतिरिक्त राशि की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव कैबिनेट में भेजने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में थैलेसीमिया मरीजों के लिए बेहतर रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, ब्लड बैंक को और सशक्त बनाने तथा बच्चों में आनुवंशिक बीमारियों की शीघ्र पहचान के लिए जेनेटिक स्क्रीनिंग व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा स्टेम सेल संरक्षण के लिए पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी के चयन की संभावना पर विचार किया गया।

डॉ. इरफान अंसारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि रिम्स में अब केवल योजनाएं नहीं बनेंगी, बल्कि उनका समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी, लापरवाही और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हमारी प्रतिबद्धता है कि झारखंड की जनता को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। रिम्स को आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधनों, स्वच्छ वातावरण और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित कर देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल करना हमारी सरकार का लक्ष्य है।”

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