रांची: हूल दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को राजधानी रांची समेत झारखंड के सभी मंडलों और अमर शहीद स्थल भोगनाडीह में हूल क्रांति के महानायक सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान भाजपा नेताओं ने उनके बलिदान को याद करते हुए जनजातीय अस्मिता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के संघर्ष को नमन किया।
रांची के मोराबादी स्थित सिदो-कान्हू पार्क में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। वहीं प्रदेश कार्यालय में भी हूल क्रांति के महानायकों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि हूल दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं, बल्कि स्वाभिमान, साहस और स्वतंत्रता का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 30 जून 1855 को भोगनाडीह से शुरू हुआ हूल आंदोलन ब्रिटिश शासन, शोषण और अन्याय के खिलाफ जनजातीय समाज का ऐतिहासिक विद्रोह था, जिसने देश के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।
इस दौरान आदित्य साहू ने भोगनाडीह में राज्य सरकार और प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धांजलि कार्यक्रम के लिए अनुमति और बॉन्ड की शर्तें लगाना आदिवासी समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि भोगनाडीह को पुलिस छावनी में बदल देना और बड़ी संख्या में मजिस्ट्रेटों की तैनाती सरकार की “अंग्रेजी मानसिकता” को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति और विरासत को दबाने का प्रयास सफल नहीं होगा।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 1855 का हूल आंदोलन ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जनजातीय समाज के साहस और स्वाभिमान का प्रतीक था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में आदिवासी भूमि की सुरक्षा खतरे में है और सरकार भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर अंग्रेजों जैसी मानसिकता अपना रही है।
उधर, पाकुड़ में भाजपा के संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने हूल क्रांति के नायकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हूल दिवस राष्ट्र और मातृभूमि की रक्षा के लिए बलिदान की प्रेरणा देने वाला ऐतिहासिक दिवस है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, पूर्व विधायक रामकुमार पाहन, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता राज्यभर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में शामिल हुए।