Ranchi: Jharkhand High Court में पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर (PGT) नियुक्ति से जुड़े डुअल डिग्री विवाद पर गुरुवार को अहम सुनवाई हुई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
यह मामला उन अभ्यर्थियों से जुड़ा है, जिनकी उम्मीदवारी दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान इस आधार पर रद्द कर दी गई थी कि उन्होंने एक ही समय में समानांतर सत्र में दो डिग्रियां हासिल की थीं। आयोग ने इसे नियमों के विरुद्ध मानते हुए उनकी नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी।
इस फैसले के खिलाफ प्रभावित उम्मीदवारों ने अदालत का रुख किया। मामले की सुनवाई जस्टिस Deepak Roshan की पीठ में हुई।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता श्रेष्ठ गौतम, चंचल जैन और अमृतांश वत्स ने दलील दी कि आयोग का निर्णय मनमाना है और University Grants Commission (UGC) के नियमों के खिलाफ है। उनका कहना था कि डुअल डिग्री को लेकर आयोग की आपत्ति उचित नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिस पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।