रांची: झारखंड की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राज्य सरकार को ‘MBA सरकार’ बताते हुए आरोप लगाया कि यहां मंत्री, बिचौलिया और अधिकारी मिलकर ‘कट-कमीशन’ का खेल चला रहे हैं।
शाही ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के लिए भेजी गई 2254 करोड़ रुपये की राशि पर इस कथित गठजोड़ की नजर है। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी की ओर से पंचायतों के विकास के लिए प्रति पंचायत औसतन 52 लाख रुपये दिए गए हैं, लेकिन राज्य में इसके उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर वे भी इसी व्यवस्था का हिस्सा बनीं, तो ग्रामीण विकास प्रभावित होगा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा केंद्र पर लगाए जाने वाले ‘सौतेले व्यवहार’ के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी राशि मिलने के बावजूद क्या केंद्र का धन्यवाद किया गया?
वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी शाही ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके और सरेंडर कर दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति और ‘अबुआ आवास’ योजना को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और लाभुकों की सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया।
आदिम जनजातियों के लिए भेजी गई 2050 करोड़ रुपये की राशि पर भी शाही ने चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसमें किसी तरह की गड़बड़ी या कमीशनखोरी सामने आई, तो भाजपा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।