रांची/गुवाहाटी: Hemant Soren की अगुवाई में Jharkhand Mukti Morcha (झामुमो) ने असम विधानसभा चुनाव में अपनी चुनावी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने अपने सभी स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारने की रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री 27 मार्च की शाम असम के लिए रवाना होंगे और 28 मार्च से ताबड़तोड़ जनसभाओं के जरिए प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे।
शुरुआत में झामुमो ने 21 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन नामांकन जांच के दौरान तीन प्रत्याशियों के पर्चे रद्द हो गए। अब पार्टी 18 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बोकाजन, माकुम और तीताबोर सीट पर झटका लगने के बावजूद बाकी उम्मीदवार पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री 28 मार्च को Guwahati पहुंचकर अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, वे गोसाईगांव समेत कई अहम सीटों पर जनसभाएं करेंगे। एक ही दिन में तीन बड़ी रैलियों के जरिए वे चुनावी माहौल को अपने पक्ष में बनाने की कोशिश करेंगे।
रामनवमी के बाद झामुमो के अन्य स्टार प्रचारक भी असम पहुंचकर अलग-अलग क्षेत्रों में मोर्चा संभालेंगे। पार्टी का खास फोकस चाय बागान इलाकों और झारखंड मूल के मतदाताओं पर है।
असम का यह चुनाव झामुमो के लिए सिर्फ चुनावी लड़ाई नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जहां पार्टी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।