Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 15वें दिन राज्य में गैस आपूर्ति की कमी का मुद्दा सदन में उठाया गया। संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण बुकिंग के बाद डिलीवरी में देरी हो रही है।
उन्होंने बताया कि पहले जहां गैस सिलेंडर की आपूर्ति आमतौर पर 48 घंटे के भीतर हो जाती थी, वहीं अब शहरी क्षेत्रों में बुकिंग के बाद सिलेंडर मिलने में 5 से 25 दिन तक लग सकते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि बढ़कर करीब 45 दिन तक पहुंच गई है।
मंत्री के अनुसार इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के पास वर्तमान में लगभग 3 लाख 27 हजार 630 सिलेंडर रिफिलिंग के लिए लंबित हैं, जिसके कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कॉमर्शियल गैस की सप्लाई भी घटी
राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि राज्य में कॉमर्शियल गैस की उपलब्धता भी काफी कम हो गई है। पहले जरूरत का करीब 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध हो जाता था, लेकिन फिलहाल यह घटकर लगभग 20 प्रतिशत रह गया है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में कॉमर्शियल गैस की कुल मांग करीब 2273 मीट्रिक टन है, जबकि फिलहाल केवल 454 मीट्रिक टन गैस की आपूर्ति हो पा रही है। इससे राज्य में लगभग 1118 मीट्रिक टन गैस की कमी बनी हुई है।
मंत्री ने कहा कि गैस की इस कमी का असर औद्योगिक इकाइयों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है। साथ ही राज्य के जीएसटी राजस्व पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने वैश्विक बाजार में तेल और गैस की बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।