राधारानी की नगरी बरसाना में आज लट्ठमार होली का उल्लास, उमड़ेगा आस्था का सैलाब

Mahak Kumari
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
YouTube Channel Subscribe

बरसाना (उत्तर प्रदेश): ब्रज की पावन धरती आज रंग, रस और भक्ति के अनूठे संगम की साक्षी बनेगी। बरसाना में आयोजित होने वाली विश्वप्रसिद्ध लट्ठमार होली को लेकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों में खासा उत्साह है। यह परंपरा सदियों से राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी मानी जाती है और ब्रज संस्कृति की विशिष्ट पहचान बन चुकी है।

ब्रजमंडल में होली का उत्सव बसंत पंचमी से ही प्रारंभ हो जाता है, जो फाल्गुन पूर्णिमा तक अलग-अलग स्वरूपों में मनाया जाता है। आज बरसाना में होने वाला आयोजन इस उत्सव का प्रमुख आकर्षण है।

लाडलीजी मंदिर में लड्डुओं की वर्षा

बरसाना स्थित प्रसिद्ध Ladli Ji Temple में लड्डू होली का विशेष आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिसर में सेवायतों द्वारा पारंपरिक होली गीत गाए जाएंगे और श्रद्धालुओं पर अबीर-गुलाल के साथ लड्डुओं की वर्षा की जाएगी। प्राकृतिक रंगों और भक्ति संगीत के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।

नंदगांव को जाएगा निमंत्रण

परंपरा के तहत राधा सखी रथ पर सवार होकर नंदगांव पहुंचेंगी और वहां स्थित नंदबाबा मंदिर में श्रीकृष्ण को होली खेलने का आमंत्रण देंगी। यह रस्म ब्रज की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है।

लट्ठमार होली का अनोखा अंदाज

लट्ठमार होली के दौरान नंदगांव के पुरुष बरसाना आते हैं, जहां महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में प्रतीकात्मक रूप से लट्ठ चलाती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और “राधे-राधे” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है।

यह आयोजन केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है, जो हर साल देश-विदेश से लाखों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *