रांची: में JSSC-CGL नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों और कर्मचारियों का विरोध लगातार जारी है। मंगलवार देर शाम सैकड़ों सफल अभ्यर्थियों ने धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला। बारिश के बीच अभ्यर्थियों ने अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। राजधानी रांची में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है, इसके बावजूद बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन के बाहर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नियुक्ति रद्द होने के फैसले से उनके सामने रोजगार और भविष्य का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अभ्यर्थियों का यह भी दावा है कि उन्हें अब तक नियुक्ति रद्द किए जाने की कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है।
मेरिट के आधार पर मिली थी नौकरी, अब फैसले पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे कई कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने अपनी योग्यता और मेरिट के आधार पर JSSC-CGL के जरिए नौकरी हासिल की थी। इसके लिए उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया और लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद उन्हें नियुक्ति मिली थी। अभ्यर्थियों के मुताबिक JSSC-CGL भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन वर्ष 2015 में जारी हुआ था। इसके बाद परीक्षा, विवाद और कानूनी लड़ाई का लंबा दौर चला। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार की ओर से सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई। एक प्रदर्शनकारी कर्मचारी ने कहा कि उन्होंने अपनी मेरिट के दम पर नौकरी हासिल की थी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने उन्हें नियुक्त किया था। ऐसे में अचानक नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले से वे बेहद परेशान हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए वर्षों तक इंतजार किया, लेकिन अब एक सरकारी फैसले ने उनके भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है। उनका सवाल है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी थी, तो उसका खामियाजा उन अभ्यर्थियों को क्यों भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने अपनी योग्यता के आधार पर परीक्षा पास की और नियुक्ति हासिल की।