रांची: झारखंड हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने यह साबित कर दिया कि न्यायिक प्रक्रिया अवकाश के दौरान भी पूरी गंभीरता के साथ जारी रहती है। 18 मई से 4 जून 2026 के बीच जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने कुल 853 मामलों का निष्पादन कर महत्वपूर्ण मामलों के त्वरित निपटारे का संदेश दिया।
इस अवधि में कोर्ट नंबर-04 के समक्ष 891 मामले सूचीबद्ध किए गए थे। इनमें से बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा करते हुए अदालत ने 809 नियमित मामलों और 44 अन्य मामलों को अंतिम रूप दिया।
वेकेशन बेंच के समक्ष सबसे व्यस्त दिन 29 मई रहा। इस दिन अकेले 331 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें जमानत और अग्रिम जमानत से जुड़े मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। अदालत ने 249 जमानत याचिकाओं और 63 अग्रिम जमानत याचिकाओं समेत कई आपराधिक अपीलों, रिट याचिकाओं और पुनरीक्षण मामलों पर सुनवाई की।
इसके अलावा 26 मई को 224 मामले, 2 जून को 180 मामले और 4 जून को 152 मामले सूचीबद्ध किए गए। इन मामलों की सुनवाई और निपटारे से यह स्पष्ट हुआ कि हाईकोर्ट ने छुट्टियों के दौरान भी जरूरी मामलों को लंबित नहीं रहने दिया।
न्यायिक गलियारों में वेकेशन बेंच के इस प्रदर्शन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे विशेष रूप से जमानत और आपराधिक मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिली है।