हजारीबाग: सरकारी और वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री और फर्जी म्यूटेशन के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर बड़ा शिकंजा कसा है। हजारीबाग ACB की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।मामला हजारीबाग ACB थाना कांड संख्या 11/25 से जुड़ा है। जांच में आरोप है कि तत्कालीन CO, CI, राजस्व उपनिरीक्षक और स्थानीय भू-माफियाओं की कथित मिलीभगत से सरकारी जमीन, वन भूमि और गैरमजरुआ खास किस्म की जंगल भूमि को अवैध तरीके से हासिल कर उसकी खरीद-बिक्री की गई। आरोपियों पर जमीन का गलत तरीके से दाखिल-खारिज यानी म्यूटेशन कराने का भी आरोप है।
ACB की विशेष छापेमारी टीम ने बुधवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नयाखाप टोला, मुकुन्दगंज में दबिश देकर तीन भूमि विक्रेताओं को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशेश्वर प्रजापति, शंकर प्रजापति और रामगति गुप्ता के रूप में हुई है। इस मामले में ACB पहले ही तत्कालीन CO समेत संबंधित सरकारी अधिकारियों, कथित भू-माफियाओं, जमीन खरीदारों और अन्य विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। अब तीन और गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। ACB की कार्रवाई से साफ है कि सरकारी और वन भूमि के रिकॉर्ड में हेरफेर कर जमीन के कथित खेल में शामिल लोगों पर जांच एजेंसी लगातार शिकंजा कस रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।