रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, औद्योगिक विकास, प्रशासनिक सुधार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी और विकास योजनाओं को गति मिलेगी।
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी MBBS सीटें
कैबिनेट ने जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों के विस्तार और संस्थान के सुदृढ़ीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक 393 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। वहीं, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज के लिए एमबीबीएस सीटें बढ़ाने और आधारभूत संरचना विकसित करने के उद्देश्य से 495 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए संविदा आधारित चिकित्सकों की नियुक्ति से संबंधित नियमावली बनाने को भी मंजूरी मिली है। इसके अलावा गैर-शैक्षणिक चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने का फैसला लिया गया है।
100 स्कूल बनेंगे मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय
शिक्षा के क्षेत्र में कैबिनेट ने राज्य के 100 विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए 721 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए वीवीग्राम जी योजना को भी स्वीकृति दी गई। कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालयों में अंशकालीन शिक्षकों की सेवा अवधि बढ़ाने और रातू अंचल के बेलांगी में 23.63 एकड़ भूमि को कार्तिक उरांव महाविद्यालय के लिए 30 वर्ष की अवधि के लिए लीज नवीनीकरण की मंजूरी भी दी गई।
चाईबासा से गिरिडीह तक सड़कों पर खर्च होंगे करोड़ों
कैबिनेट ने राज्य के कई इलाकों में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की योजनाओं को भी हरी झंडी दी है। चाईबासा के कुमारडुंगी में 38.65 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण के लिए करीब 29.87 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।मनोहरपुर में 19.49 किलोमीटर सड़क के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण पर 114.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रामगढ़ के गोला-मुरी क्षेत्र में 4.8 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 56.85 करोड़ रुपये, जबकि गिरिडीह में कॉलेज मोड़ से पावर हाउस तक 2.75 किलोमीटर सड़क के मजबूतीकरण के लिए 30.45 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है।
जमशेदपुर में पेयजल व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
जमशेदपुर की बिरसानगर जलापूर्ति योजना के लिए 67.36 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा जल क्षेत्र के बेहतर प्रबंधन और एक्शन प्लान तैयार करने के लिए रुड़की स्थित प्रतिष्ठित संस्थान के साथ एमओयू करने को मंजूरी दी गई है।
औद्योगिक विकास और भूमि हस्तांतरण को भी मंजूरी
धनबाद के बलियापुर अंचल में 3.43 एकड़ भूमि को सेल को सशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए करीब 5.39 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। वहीं, वित्त विभाग के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट को मजबूत करने के लिए संविदा और बाह्य स्रोत से 76 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली है।
अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े कई फैसले
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मुकेश कुमार और सीमा कुमारी को अनुमंडल पदाधिकारी के पद पर पदोन्नति देने के साथ वित्तीय लाभ की स्वीकृति दी गई। झारखंड अवर शिक्षा पदाधिकारियों की प्रोन्नति का रास्ता भी साफ किया गया है।जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता वीरेंद्र महतो सहित अन्य को सहायक अभियंता का वेतनमान देने तथा पेयजल विभाग के प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद को अंतर राशि का भुगतान करने की मंजूरी दी गई। बोकारो समाहरणालय के एक कर्मी और दैनिक मजदूर ऊषा देवी की सेवा नियमित करने का फैसला भी कैबिनेट ने लिया।
नए विधेयकों और जेल सुधार पर भी फैसला
कैबिनेट ने झारखंड म्यूनिसिपल रेगुलेशन 2026, झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि विधेयक 2026 और झारखंड न्यायालय शुल्क विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी।जेलों में सुधार और पुनर्वास व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय कारा होटवार, दुमका, घाघीडीह और हजारीबाग में ओपेन और सेमी-ओपेन बैरक के निर्माण को भी स्वीकृति मिली। इसके साथ ही पलामू ब्याघ्र परियोजना के कोर क्षेत्र से स्वैच्छिक पुनर्वास करने वाले लोगों की सुचारू बंदोबस्ती की व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई।
आपदा प्रबंधन को लेकर बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने प्राकृतिक आपदा से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव का फैसला लिया। केंद्र सरकार द्वारा वज्रपात और ग्रीष्म लहर को प्राकृतिक आपदा अधिसूचित किए जाने के संदर्भ में राज्य की प्राकृतिक आपदा सूची से इन्हें हटाने तथा प्राकृतिक आपदा से जुड़े भौगोलिक क्षेत्र के प्रावधानों में संशोधन का निर्णय लिया गया। कुल मिलाकर, कैबिनेट के 53 फैसलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक सुधार को प्राथमिकता दी गई है। सरकार के इन निर्णयों को राज्य में बुनियादी सुविधाओं और विकास योजनाओं को गति देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।