रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन JPSC-JSSC समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार के नाम को लेकर सवाल उठाते हुए इसे लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की है। विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन की आड़ में राजनीतिक हस्तक्षेप की कोशिश हो रही है। सुदिव्य कुमार ने कहा कि बीजेपी पर्दे के पीछे से राजनीति करना बंद करे और अगर कोई बात है तो खुलकर सामने आए। मंत्री ने छात्र आंदोलन के पीछे बीजेपी और कथित कोचिंग माफिया की भूमिका का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से ले रही है और किसी भी सूरत में छात्रों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी।
‘छात्र अपने आंदोलन को राजनीति से दूर रखें’
सुदिव्य कुमार ने आंदोलनरत छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन की मूल भावना और मुद्दों को बरकरार रखें तथा राजनीतिक दलों को इसका हिस्सा न बनने दें। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन स्वच्छ और मुद्दा आधारित रहना चाहिए। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सुना जाएगा और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। इस पूरे मामले में मंत्री के बयान के बाद छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।