रांची: के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित मधुकम बस्ती से जुड़े अतिक्रमण विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बस्तीवासियों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने दखल-दिहानी की पूरी प्रक्रिया और उसके आधार पर जारी आदेश को रद्द कर दिया, जिससे एक दर्जन से अधिक मकानों को हटाए जाने का खतरा फिलहाल टल गया है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता की भूमिका पर उठाए सवाल
न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि याचिकाकर्ता महादेव उरांव ने रिट याचिका दायर करते समय कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी न्यायालय को नहीं दी थी। अदालत ने पाया कि हस्तक्षेपकर्ताओं के साथ हुए समझौते और उनसे प्राप्त धनराशि से जुड़ी जानकारी कोर्ट से छिपाई गई थी।
प्रभावित परिवारों को मिलेगी जुर्माने की राशि
मामले को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने महादेव उरांव पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह राशि उन लोगों के बीच वितरित की जाए, जिनके घर इस विवाद के कारण प्रभावित हुए या जिन पर कार्रवाई का असर पड़ा।
बस्तीवासियों को मिली राहत
हाईकोर्ट के आदेश के बाद मधुकम बस्ती में रहने वाले कई परिवारों ने राहत की सांस ली है। जिन मकानों को हटाने की प्रक्रिया चल रही थी, वह अब निरस्त हो गई है। अदालत के इस फैसले को प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है।