नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा था। बताया जा रहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। अब वे इन मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अहम फैसलों की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके प्रह्लाद जोशी भाजपा के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनका लंबा अनुभव रहा है। शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालने के बाद अब छात्रों और अभ्यर्थियों को उनसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की उम्मीद होगी।