रांची, 16 जून: रिम्स से जुड़ी कथित जमीन फर्जीवाड़ा मामले में आरोपी लवली देवी ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने एसीबी को मामले से संबंधित केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
जानकारी के अनुसार, रिम्स परिसर से संबंधित लगभग सात एकड़ अधिग्रहित जमीन की कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीद-बिक्री किए जाने के मामले की जांच एसीबी कर रही है। जांच एजेंसी ने इस प्रकरण में कई लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें लवली देवी का नाम भी शामिल है।
सुनवाई के दौरान लवली देवी की ओर से अदालत में गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अग्रिम जमानत दिए जाने की मांग की गई। वहीं, एसीबी की ओर से मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए विस्तृत केस डायरी प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया। अदालत ने एसीबी को अगली सुनवाई में केस डायरी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि रिम्स जमीन घोटाला राज्य के चर्चित मामलों में से एक है। आरोप है कि अधिग्रहित सरकारी जमीन को फर्जीवाड़े के जरिए निजी व्यक्तियों के नाम पर खरीद-बिक्री की गई। मामले के सामने आने के बाद एसीबी ने जांच शुरू की थी और इससे जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
अब सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां केस डायरी के आधार पर लवली देवी की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला लिया जा सकता है।