झारखंड में अगले छह दिन भारी, तेज हवा-वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट

Mahak Kumari
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रांची: झारखंड में मॉनसून की औपचारिक एंट्री के साथ ही मौसम ने करवट ले ली है। राजधानी रांची सहित राज्य के कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, सिमडेगा जिला अब तक मॉनसूनी बारिश से अछूता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मॉनसून पूरे राज्य में सक्रिय हो जाएगा।

मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी छह दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

शनिवार को खराब मौसम ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया। राज्य के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई। रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र के काटमकुली गांव की निराशो देवी, गढ़वा के मुकुंदपुर निवासी राम अवतार (65) और सुंडी गांव की रीना देवी (30) की वज्रपात की चपेट में आने से जान चली गई। इसके अलावा चतरा में गीता देवी, कोडरमा के मरकच्चो निवासी अभिनीत कुमार (10), धनवार के घोसकेडीह गांव के अभिजीत राज (10), जामताड़ा के शोएब अंसारी (10) तथा सरायकेला-खरसावां के राजनगर प्रखंड स्थित सांदिरडीह गांव के संजय देवगम की भी मौत हो गई।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी सिंहभूम जिले के दरिसाई में सर्वाधिक 24 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, रांची में दोपहर से शुरू हुई बारिश शाम तक रुक-रुक कर जारी रही। बारिश और बादलों के कारण राजधानी के अधिकतम तापमान में करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

19 जून तक मौसम का पूर्वानुमान:

14 जून: कुछ स्थानों पर बारिश और वज्रपात की संभावना।

15 जून: गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार को छोड़ अधिकांश जिलों में हल्की बारिश के आसार।

16 जून: हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा और चतरा को छोड़ शेष जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना।

17 जून: गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार को छोड़ अन्य क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।

18 और 19 जून: राज्य के कई हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और खेतों में काम करने से बचें। गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

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