रांची: झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को TGT (स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक) नियुक्ति से जुड़े चर्चित मीना कुमारी प्रकरण की सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले में दायर विभिन्न हस्तक्षेप याचिकाओं पर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इंटरवेनर्स की ओर से दायर सभी इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन (आईए) को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही संबंधित अभ्यर्थियों को अपील में प्रतिवादी के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया गया।
इंटरवेनर्स की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने अदालत को बताया कि ये सभी अभ्यर्थी उसी TGT नियुक्ति मामले से जुड़े हैं, जिसमें मीना कुमारी के साथ उनके मामलों का भी निपटारा हुआ था। हालांकि, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने इनके खिलाफ अलग से कोई अपील दायर नहीं की थी। लेकिन वर्तमान अपील में आने वाले फैसले का सीधा प्रभाव इनके अधिकारों और हितों पर पड़ सकता है। इसी कारण उन्होंने हस्तक्षेप की अनुमति मांगी थी।
खंडपीठ ने JSSC को निर्देश दिया कि वह आवश्यक संशोधन कर सभी स्वीकृत इंटरवेनर्स को अपील में औपचारिक रूप से पक्षकार बनाए। साथ ही संशोधित अपील की सॉफ्ट कॉपी दो सप्ताह के भीतर संबंधित अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया गया।
इस बीच, राज्य सरकार और JSSC की ओर से दायर संशोधन आवेदन को भी अदालत ने मंजूरी प्रदान कर दी। मामले की अगली सुनवाई अब 30 जून को निर्धारित की गई है, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।