रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक दलों के बीच रणनीतिक बैठकों और संपर्क अभियान का दौर भी तेज हो गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस द्वारा अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने के बाद सियासी सरगर्मियां और बढ़ गई हैं।
इसी बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर बातचीत के विषयों का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे राज्यसभा चुनाव की रणनीति और समर्थन जुटाने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं, झारखंड से पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद नाथवानी ने राज्यसभा चुनाव या अपनी संभावित उम्मीदवारी को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया, लेकिन उनकी सक्रियता ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है।
सूत्रों के अनुसार राज्यसभा चुनाव को लेकर कई स्तरों पर राजनीतिक समीकरण साधे जा रहे हैं। ऐसे में प्रमुख नेताओं की लगातार हो रही मुलाकातें आने वाले दिनों में नए राजनीतिक संकेत दे सकती हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ कौन-से नए समीकरण उभरकर सामने आते हैं और राज्यसभा की लड़ाई किस दिशा में जाती है।