गढ़वा/नगर उंटारी: नगर उंटारी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब पारिवारिक मामलों की सुनवाई के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, नगर उंटारी में हर महीने दो दिनों के लिए फैमिली कोर्ट की कैंप कोर्ट आयोजित की जा रही है, जिससे लोगों को स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक सुविधा मिल रही है।
अब तक विवाह संबंधी विवाद, भरण-पोषण, दांपत्य कलह और अन्य पारिवारिक मामलों की सुनवाई के लिए लोगों को गढ़वा जिला मुख्यालय जाना पड़ता था। इससे खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब इन मामलों की सुनवाई नगर उंटारी में ही हो रही है, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
कैंप कोर्ट में न्यायिक पदाधिकारी नियमित रूप से मामलों की सुनवाई कर रहे हैं और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी से वादकारियों को अपने मामलों की प्रगति के लिए दूर-दराज की यात्रा नहीं करनी पड़ रही है।
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक माह एक दिन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा एक दिन फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश नगर उंटारी पहुंचकर मामलों की सुनवाई करते हैं। इससे न्यायिक प्रक्रिया को लोगों के और करीब लाने में मदद मिल रही है।
न्यायिक व्यवस्था को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे न केवल लंबित पारिवारिक मामलों के निपटारे में तेजी आएगी, बल्कि आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास भी और मजबूत होगा।