रांची: झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर अहम निर्णय लेते हुए न्यायिक हिरासत में हुई मौतों के मामलों में मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मंजूरी दी है. सरकार ने इसके लिए कुल 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है, जिसे दो जिलों में बराबर-बराबर बांटा जाएगा.
यह सहायता उन कैदियों के आश्रितों को दी जाएगी, जिनकी मृत्यु न्यायिक हिरासत के दौरान हुई थी. इस फैसले के तहत चतरा जिले के मेराल निवासी मृतक विचाराधीन बंदी राजू तुरी की पत्नी को राहत राशि दी जाएगी, जो वर्तमान में राजस्थान के कोटा में रह रही हैं. वहीं खूंटी जिले के जिलिंगकेला निवासी मृतक बंदी मार्शल मुण्डू के परिजनों को भी यह सहायता प्रदान की जाएगी.
सरकार द्वारा दी जाने वाली यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 के सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण बजट से जारी की जाएगी. चतरा और खूंटी के उपायुक्त या उनके द्वारा अधिकृत पदाधिकारी जिला कोषागार के माध्यम से इस राशि का भुगतान सुनिश्चित करेंगे.