रंगापाड़ा/रांची: असम विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में रंगापाड़ा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उनके कार्यक्रम को बाधित करने के लिए विरोधियों ने हर संभव प्रयास किए, लेकिन जनता के जबरदस्त समर्थन ने उन सभी कोशिशों को विफल कर दिया। सभा की शुरुआत उन्होंने पारंपरिक “जोहार” से की और कहा कि उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत है कि अब हक और अधिकार की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
सोरेन ने आरोप लगाया कि आदिवासी और वंचित समाज के कई लोगों को सभा में आने से रोकने की कोशिश की गई। उनके अनुसार, विरोधियों ने “साम, दाम, दंड और भेद” जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल कर लोगों को प्रभावित करने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने बड़ी संख्या में पहुंचकर इन साजिशों को नकार दिया।
उन्होंने कहा कि जनसभा में उमड़ा जनसैलाब और “तीर-धनुष” के प्रति समर्थन उन लोगों के लिए करारा जवाब है, जो वंचित वर्ग की आवाज दबाने की सोच रखते हैं।
भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय बदल चुका है और शोषित-वंचित समाज पूरी तरह जागरूक हो चुका है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी चुनाव में जनता अपने मताधिकार का सही इस्तेमाल कर अपने अधिकार हासिल करेगी।