रांची: झारखंड में आपातकालीन सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य पुलिस डायल-112 प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ERSS) के नेक्स्ट जेनरेशन फेज-II को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए राज्य के सभी जिलों में तैनात अधिकारियों, कर्मियों और मास्टर ट्रेनर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
डीआईजी झारखंड जगुआर की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 मार्च से 23 मार्च तक चरणबद्ध तरीके से आयोजित होगा। इसका उद्देश्य डायल-112 सेवा की तकनीकी क्षमता को बढ़ाना और आपात स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाना है।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल सत्रों के माध्यम से आधुनिक तकनीक और सिस्टम के संचालन की जानकारी दी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बेहतर और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम के तहत 16 मार्च को रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, चाईबासा, सरायकेला, जमशेदपुर, हजारीबाग, चतरा, कोडरमा और रामगढ़ जिलों की डायल-112 टीम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 17 मार्च को गिरिडीह, पलामू, गढ़वा, लातेहार, बोकारो, धनबाद, दुमका, देवघर, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ और जामताड़ा की टीम इस प्रशिक्षण में भाग लेगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से डायल-112 सेवा की कार्यक्षमता और बेहतर होगी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में आम लोगों को त्वरित पुलिस सहायता मिल सकेगी।