Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कथित भूमि घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा कानूनी कदम उठाया है। उन्होंने रांची की PMLA विशेष अदालत के उस आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री की ओर से हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की गई है। बुधवार को इस मामले पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय यानी ED को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।nमामले की सुनवाई जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और अधिवक्ता शशांक शेखर ने पक्ष रखा।
अब ED का जवाब दाखिल होने के बाद इस मामले में अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।
दरअसल, रांची की PMLA विशेष अदालत ने 8 जून को हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी थी। ED ने रांची के बड़गाईं इलाके की एक जमीन से जुड़े मामले में हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी बनाया है।अब मुख्यमंत्री ने PMLA कोर्ट के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देकर राहत की मांग की है। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई में ED का जवाब इस मामले में अहम माना जा रहा है।