रांची: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रांची स्थित प्रांतीय कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब सिर्फ हमले की साजिश तक सीमित नहीं रही है। मामले में कथित फंडिंग और पैसों के लेन-देन की पड़ताल के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को देश के चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई की है।ED की अलग-अलग टीमों ने दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में संदिग्धों से जुड़े चार परिसरों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि RSS कार्यालय पर हुए हमले के लिए कहीं अवैध तरीके से पैसे जुटाए या ट्रांसफर तो नहीं किए गए थे।
बताया जा रहा है कि ED की कार्रवाई NIA की ओर से दर्ज FIR के आधार पर आगे बढ़ी है। तलाशी के दौरान जांच टीम ने दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला। एजेंसी की नजर कथित मनी लॉन्ड्रिंग और हमले के पीछे मौजूद वित्तीय नेटवर्क पर है।
16 जून की रात RSS कार्यालय को बनाया गया था निशाना
मामला 16 जून 2026 की रात का है, जब रांची स्थित RSS के प्रांतीय कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंककर हमला किया गया था। घटना के बाद रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इनमें सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान के नाम सामने आए थे।
पुलिस जांच में कथित तौर पर हमले के पीछे एक बड़े नेटवर्क के संकेत मिलने की बात कही गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों के संपर्क और गतिविधियों को लेकर दुबई और पाकिस्तान से जुड़े एंगल की भी पड़ताल की गई।
वीडियो बनाकर कथित हैंडलर तक भेजने का आरोप
जांच में यह दावा सामने आया कि हमले के दौरान एक आरोपी ने RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका, जबकि दूसरे ने पूरी घटना का वीडियो बनाया। आरोप है कि यह वीडियो पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर शाहबाज आलम उर्फ भट्टी तक भेजा गया था।
पूछताछ में कथित तौर पर यह भी जानकारी सामने आने की बात कही गई कि रांची की घटना के बाद लखनऊ में एक बड़े हमले की तैयारी का टास्क दिया गया था। इस पूरे नेटवर्क में पाकिस्तान स्थित शाहबाज आलम उर्फ भट्टी और दुबई में मौजूद बताए जा रहे आवेश राजपूत उर्फ राणा की भूमिका की जांच की गई है।
अब ED खंगाल रही पैसों की पूरी कड़ी
NIA और पुलिस की जांच के बाद अब ED की कार्रवाई से मामले में वित्तीय नेटवर्क भी जांच के केंद्र में आ गया है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर हमले की साजिश के लिए धन कहां से आया, किसके जरिए पहुंचा और किन खातों या माध्यमों से उसका इस्तेमाल किया गया। चार राज्यों में हुई एक साथ तलाशी को इसी वित्तीय कड़ी की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और तलाशी में मिले दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।