रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर प्रतियोगी छात्रों का विरोध अब डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया है। JPSC-JSSC Reform मंच के बैनर तले छात्रों ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर बड़े डिजिटल अभियान का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत छात्र #cbiforjpscjssc हैशटैग के जरिए JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं एवं भर्ती प्रक्रियाओं की CBI जांच की मांग उठा रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों और कथित पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है।
छात्रों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
JPSC-JSSC Reform मंच से जुड़े छात्रों ने आंदोलन के तहत तीन मुख्य मांगें सामने रखी हैं।
- पहली मांग है कि अभ्यर्थियों को समय पर और निष्पक्ष न्याय मिले।
- दूसरी मांग है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और भेदभाव रहित हो।
तीसरी मांग है कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत किया जाए कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि लगातार विवादों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और निष्पक्ष जांच जरूरी है। मंच ने झारखंड समेत देशभर के प्रतियोगी छात्रों से डिजिटल अभियान में शामिल होने की अपील की है। छात्रों ने “न्याय दो, भविष्य दो, हमारा हक दिलाओ” के नारे के साथ एकजुट होकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया है।