रांची: सहारा इंडिया से जुड़े आपराधिक मामलों को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में 31 अगस्त, सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। अदालत सहारा प्रबंधन और उससे जुड़ी तीन सोसाइटियों की ओर से दाखिल 18 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इन याचिकाओं के जरिए सहारा के अधिकारियों के खिलाफ झारखंड सीआईडी में दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द करने की मांग की गई है। जानकारी के मुताबिक, सहारा इंडिया पार्टनरशिप के अधिकारियों और तीनों सोसाइटियों की ओर से करीब एक साल पहले हाईकोर्ट में ये याचिकाएं दाखिल की गई थीं। याचिकाओं में सहारा प्रबंधन की ओर से दावा किया गया है कि कंपनी ने अपने एजेंटों को जमाकर्ताओं से सीधे पैसे लेने का निर्देश नहीं दिया था।
सहारा प्रबंधन का तर्क है कि कुछ एजेंटों ने ज्यादा कमीशन हासिल करने के उद्देश्य से निवेशकों से राशि जमा कराई। इसी आधार पर प्रबंधन ने अपने अधिकारियों को मामले में जिम्मेदार ठहराए जाने पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों को समाप्त करने की मांग की है।वहीं, विश्व भारती जनसेवा संस्थान के नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने मामले को लेकर सहारा के जमाकर्ताओं और पीड़ितों से एकजुट रहने की अपील की है। उनका कहना है कि पीड़ितों को न्याय की लड़ाई में साथ रहना चाहिए और मामले की सुनवाई पर नजर बनाए रखनी चाहिए। अब 31 अगस्त की हाईकोर्ट सुनवाई पर सहारा के लाखों निवेशकों और पीड़ितों की निगाहें टिकी हैं। अदालत का फैसला आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।