रांची: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट को बताया कि वह चार अहम गवाहों को पेश करेगा। इन गवाहों में मुन्ना कुमार उर्फ मुन्ना सिंह, संतोष कुमार उर्फ रिंकू, प्रॉपर्टी विक्रेता स्वर्णजीत सिंह और बिंदेश्वर राम शामिल हैं।
अदालत ने इन गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए अभियोजन पक्ष को चार सप्ताह का समय दिया है। साथ ही, जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 11 मई को निर्धारित की गई है।
इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट आलमगीर आलम की जमानत याचिका को खारिज कर चुका है, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब उनके आप्त सचिव संजीव कुमार लाल और नौकर जहांगीर आलम के ठिकानों से 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसी बरामदगी के बाद आलमगीर आलम की गिरफ्तारी हुई थी।