Ranchi: झारखंड उच्च न्यायालय ने सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से जुड़े स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के रवैए पर नाराजगी जताई। माननीय मुख्य न्यायमूर्ति एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने महाधिवक्ता की ओर से दिए गए जवाब पर असंतोष जाहिर करते हुए झारखंड के पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा को अवमानना नोटिस जारी किया है। अदालत ने डीजीपी को 30 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न न करें कि न्यायालय को कोई कड़ी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़े। खंडपीठ ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को संयुक्त रूप से शपथ पत्र दाखिल कर 30 सितंबर तक राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की पुष्टि करने और अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा डॉ. डी. अग्रवाल को भी 11 सितंबर तक शपथ पत्र के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तारीख 17 सितंबर निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने की प्रक्रिया और उसकी अनुपालन रिपोर्ट पर विशेष नजर रहेगी।