रांची: जिले के इटकी प्रखंड अंतर्गत मल्टी गांव में आदिवासी भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने हस्तक्षेप करते हुए प्रशासन को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा शनिवार को स्वयं गांव पहुंचीं और विवादित भूमि का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. लकड़ा ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर संबंधित भूखंड से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि विवादित भूमि भुइहरी प्रकृति की है, जिसकी कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
शिकायतकर्ता सालखन लकड़ा ने आयोग को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी 75 डिसमिल पैतृक जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया कि परिवार के कुछ सदस्यों को गुमराह कर भूमि से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए गए।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने रांची जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। राजस्व विभाग की जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में भुइहरी महतोई श्रेणी की दर्ज है तथा पंजी-2 में मोकवा उरांव सहित अन्य रैयतों के नाम दर्ज हैं। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि इस भूमि पर अब तक किसी प्रकार की लगान रसीद जारी नहीं हुई है।
स्थलीय जांच में अधिकारियों ने पाया कि विवादित भूमि के एक हिस्से पर कुछ व्यक्तियों द्वारा मकान निर्माण भी कराया गया है। इसके बाद आयोग ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन को कानून के अनुरूप कार्रवाई करने और भूमि के वास्तविक अधिकारधारकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।