हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में इस बार रामनवमी का पर्व मातम में बदल गया। शनिवार रात से शुरू हुआ जुलूस रविवार देर रात तक चलता रहा, लेकिन इस दौरान हुई हिंसा और शस्त्र प्रदर्शन से जुड़े हादसों ने पूरे शहर को दहला दिया। अलग-अलग इलाकों में हुई घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 600 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
हिंसा और हादसों में गई जान
रामनवमी जुलूस के दौरान 27 मार्च की रात दो अलग-अलग जगहों पर हिंसक झड़पें सामने आईं, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
गदोखर गांव में मुखिया के भाई राम कुमार साव उर्फ रामा साव की भुजाली से काटकर हत्या कर दी गई।
दिपुगढ़ा में एक युवक पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
इसके अलावा जुलूस के दौरान घायल हुए कई लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई:
सिलवार निवासी प्रिंस कुमार को सिर पर गंभीर चोट लगी थी, जिनकी 29 मार्च को सदर अस्पताल में मौत हो गई।
हजारीबाग के योगेश जायसवाल को बेहतर इलाज के लिए रांची ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया।
पेलावल के बबन राम की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।
बड़ा बाजार के सरदार चौक निवासी अभिषेक वर्मा ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
शव रखकर सड़क जाम, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
अभिषेक वर्मा की मौत के बाद परिजनों ने बड़ा बाजार स्थित सरदार चौक पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
इलाके में तनाव, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद पूरे हजारीबाग में तनाव का माहौल है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अलर्ट मोड में है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। साथ ही, लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।