पश्चिम सिंहभूम जिले के तिरिलपोसी जंगल में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से दो ग्रामीणों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान जय सिंह चेरवा (35) और सलाई चेरवा (30) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, दोनों मंगलवार को अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में साल पत्ता और चिनार फूल लाने गए थे। दोपहर करीब दो बजे जय सिंह चेरवा एक आईईडी पर चढ़ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीण वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी शाम करीब पांच बजे दूसरा विस्फोट हुआ, जिसमें सलाई चेरवा भी घायल हो गया।
नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण घायलों को समय पर बाहर नहीं निकाला जा सका। दोनों ग्रामीण पूरी रात जंगल में तड़पते रहे, लेकिन मदद नहीं पहुंच सकी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और सीआरपीएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन घने जंगल और अन्य आईईडी लगे होने की आशंका के कारण अभियान में कठिनाई आई। करीब 28 घंटे बाद बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच ग्रामीण घटनास्थल तक पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
इसके बाद ग्रामीणों की मदद से शवों को तिरिलपोसी गांव लाया गया, जहां से जराईकेला थाना पुलिस ने उन्हें कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी जयदीप लकड़ा सहित कई अधिकारी गांव पहुंचे। पंचायत मुखिया एग्नेश बारला और पंचायत सेवक युधिष्ठिर गोराई ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तिरिलपोसी और आसपास के जंगलों में नक्सलियों द्वारा कई स्थानों पर आईईडी बिछाए गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस वजह से कई ग्रामीण जान गंवा चुके हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।