Palamu: पलामू में हिरासत के दौरान युवक की मौत के मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए अहम निर्देश जारी किए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि केस से जुड़े दो मेडिकल सर्टिफिकेट में गंभीर विरोधाभास है, जिस पर संदेह जताते हुए सीजेएम पलामू से मूल दस्तावेज मंगाए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, मृतक महफूज अहमद को नवाबाजार थाना पुलिस ने हिरासत में लिया था। उसके खिलाफ पांकी थाना में दर्ज एक मामले के तहत उसे रिमांड पर लिया गया, जहां पूछताछ के दौरान उसकी मौत हो गई। इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए अदालत ने पांकी थाना कांड संख्या 25/2025 से जुड़े सभी मूल रिकॉर्ड पेश करने का भी आदेश दिया है।
अधिवक्ता शादाब इकबाल ने कोर्ट को बताया कि एक तरफ जहां फिटनेस सर्टिफिकेट में युवक को “फिट फॉर कस्टडी” बताया गया है, वहीं राज्य सरकार के शपथ पत्र में उसी सर्टिफिकेट में चोट का जिक्र किया गया है। इस विरोधाभास को लेकर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और दस्तावेजों की सच्चाई जांचने के लिए मूल कॉपी तलब कर ली।
अब इस मामले की अगली सुनवाई मूल दस्तावेजों की जांच के आधार पर होगी, जिससे यह साफ हो सकेगा कि आखिर सच्चाई क्या है।