हेहल CO पर हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी: “आदेश अतिक्रमण हटाने का था, फिर तोड़फोड़ क्यों?”

Mahak Kumari
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now
YouTube Channel Subscribe

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के सुखदेवनगर इलाके में अतिक्रमण हटाने के नाम पर की गई कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। महादेव उरांव की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने हेहल के अंचल अधिकारी (सीओ) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट तौर पर पूछा कि जब आदेश केवल अतिक्रमण हटाने का था, तो वहां बने निर्माण को ध्वस्त करने की जरूरत क्यों पड़ी। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि आखिर किस अधिकार के तहत यह कार्रवाई की गई। कोर्ट की इस तल्खी के बीच सीओ की ओर से कारण बताओ नोटिस दाखिल कर जवाब प्रस्तुत किया गया।

सीओ का पक्ष

सीओ ने अपने जवाब में बताया कि हस्तक्षेपकर्ताओं को तीन बार नोटिस जारी किया गया था। कई मौके दिए जाने के बावजूद संबंधित पक्ष जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिसके बाद ही निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई।

प्रार्थी पर भी सख्ती

मामले में कोर्ट ने केवल अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि प्रार्थी को भी आड़े हाथों लिया। अदालत ने पूछा कि रिट याचिका दाखिल करते समय हस्तक्षेपकर्ताओं के साथ हुए एग्रीमेंट और उनसे पैसे लेने की जानकारी क्यों छुपाई गई। कोर्ट ने इस पर प्रार्थी से विस्तृत जवाब तलब किया है।

आगे की कार्रवाई

अदालत ने हस्तक्षेपकर्ताओं की याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें मामले में प्रतिवादी बना लिया है। साथ ही, पीड़ितों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर लगी रोक को अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *