रांची: OBC के अधिकार और सामाजिक न्याय के मुद्दे को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को रांची में राजभवन मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बापू वाटिका से राजभवन तक मार्च करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने किया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से आगामी जनगणना में OBC की अलग से गणना कराने और इसके लिए अलग कॉलम व कोड निर्धारित करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि OBC की वास्तविक आबादी का आंकड़ा सामने आने के बाद ही उन्हें उनकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सकता है।
झारखंड में OBC आरक्षण का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि झारखंड में OBC आबादी 52 से 55 प्रतिशत के बीच है, लेकिन इसके बावजूद समुदाय को अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिल रही है। कांग्रेस ने राज्य के सात जिलों में OBC आरक्षण शून्य होने का मुद्दा भी उठाया और इसे सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का कहना था कि यदि EWS के लिए आरक्षण की सीमा से आगे जाने का प्रावधान किया जा सकता है और तमिलनाडु जैसे राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण लागू है, तो OBC आरक्षण के मामले में भी इस पर विचार होना चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस ने कहा कि OBC की जनगणना और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी आगे भी आंदोलन जारी रखेगी। नेताओं के मुताबिक, 5 से 10 अक्टूबर तक प्रखंड स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से OBC की जनगणना की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि जनगणना में OBC की गिनती जरूरी है और उनकी आबादी के अनुरूप उन्हें अधिकार मिलना चाहिए। वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने OBC आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग उठाते हुए केंद्र सरकार पर OBC हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।