Ranchi: झारखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने 21 जुलाई को राज्य के पांच जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 23 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 21 जुलाई को रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। प्रशासन ने लोगों से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की अपील की है।
22 जुलाई को राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, चतरा, कोडरमा, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इस दिन किसी जिले के लिए भारी बारिश का अलग से अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
23 जुलाई को भी पूरे राज्य में मानसून सक्रिय बना रहेगा। देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज सहित उत्तर-पूर्वी झारखंड के जिलों के अलावा मध्य और दक्षिणी झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान भी मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
वहीं, राज्य में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 20 जुलाई 2026 के बीच झारखंड में औसतन 391.8 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविक वर्षापात केवल 261.4 मिलीमीटर दर्ज किया गया है। यानी राज्य में अब तक करीब 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो इसका असर खरीफ फसलों की बुआई, जलाशयों के जलस्तर और भूजल भंडारण पर पड़ सकता है।