रांची: झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के भीतर असंतोष गहराता नजर आ रहा है। संगठन से जुड़े सिपाही और हवलदार रैंक के कई जवानों ने वर्तमान नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बदलाव की मांग शुरू कर दी है। उनका कहना है कि एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के हितों की रक्षा करना और उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाना है, लेकिन वर्तमान में ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
जवानों का आरोप है कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी विभिन्न लंबित मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष नहीं रखा। उनका मानना है कि ड्यूटी के दौरान आने वाली चुनौतियों, सेवा से जुड़ी परेशानियों और कल्याणकारी योजनाओं के मुद्दों पर अपेक्षित पहल नहीं की गई है।
हाल के दिनों में हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले से जुड़े मामलों ने भी जवानों की नाराजगी को और बढ़ा दिया है। इस मामले में प्रभावित पुलिसकर्मियों के हितों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसोसिएशन की सक्रिय भूमिका नहीं दिखने से कई सदस्य खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। जवानों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में संगठन को मजबूती से अपने सदस्यों के साथ खड़ा होना चाहिए।
गौरतलब है कि झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन राज्यभर के सिपाहियों और हवलदारों का एक बड़ा प्रतिनिधि संगठन है, जिसके साथ हजारों पुलिसकर्मी जुड़े हुए हैं। ऐसे में संगठन के भीतर बढ़ती असंतुष्टि को गंभीर माना जा रहा है।
वहीं, एसोसिएशन के वर्तमान नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, संगठन के भीतर चल रही चर्चाओं से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में नेतृत्व को लेकर नई रणनीति और बदलाव की मांग और तेज हो सकती है।