रांची: झारखंड में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत गरमा गई है। हजारीबाग की जघन्य घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
रांची स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड, जिसे लंबे संघर्ष और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में अलग राज्य का दर्जा मिला, आज गंभीर हालात से गुजर रहा है।
साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है और अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंबा गांव में हुई मासूम बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे बेहद अमानवीय और दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराध नियंत्रण में विफल साबित हो रही है और अन्य कामों में उलझी हुई है। साथ ही सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि घटना के कई दिनों बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा।
आदित्य साहू ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो बीजेपी हजारीबाग के सभी प्रखंडों में मशाल जुलूस निकालेगी। इसके अलावा 30 मार्च को हजारीबाग बंद बुलाने का ऐलान भी किया गया है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग की।
वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम दौरे पर भी साहू ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं, तो उन्हें वहां झारखंड की जमीनी हकीकत और महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति के बारे में भी बताना चाहिए।