झारखंड में कमजोर पड़ा नक्सल नेटवर्क, तीन जोन में बचे सिर्फ 12 उग्रवादी

Mahak Kumari
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Ranchi: झारखंड में कभी बड़े खतरे के रूप में देखा जाने वाला नक्सलवाद अब लगातार कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और दबाव के कारण कई इलाकों में नक्सलियों की पकड़ कम हो गई है। हाल के वर्षों में कई मुठभेड़ों और ऑपरेशनों में बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए या गिरफ्तार हुए हैं, जिससे संगठन की ताकत काफी घट गई है।

ताजा खुफिया आकलन के अनुसार मध्य जोन से लेकर कोयल शंख और नॉर्थ छोटानागपुर जोन तक अब केवल 12 सक्रिय नक्सली ही बचे हैं। हालांकि इनकी संख्या कम है, लेकिन ये अत्याधुनिक हथियारों जैसे AK-47, AK-56, इंसास और SLR राइफलों से लैस बताए जा रहे हैं।

मध्य जोन में चार नक्सली सक्रिय

इस क्षेत्र में संगठन को बनाए रखने की कोशिश में चार प्रमुख नक्सली सक्रिय हैं। इनमें 15 लाख का इनामी नितेश यादव AK-47 के साथ, 10 लाख का इनामी संजय यादव इंसास राइफल के साथ सक्रिय बताया गया है। इनके अलावा इम्तियाज अंसारी और विनोद यादव कैडर स्तर पर सक्रिय हैं।

कोयल शंख जोन में पांच उग्रवादी

इस जोन में छोटी लेकिन हथियारबंद टीम सक्रिय है। इनमें मृत्युंजय भुइयां, राजू भुइयां, सुखलाल बिरजिया, अनिल तूरी और बबलू राम शामिल हैं, जिनके पास SLR, इंसास और .315 राइफल जैसे हथियार बताए जाते हैं।

नॉर्थ छोटानागपुर जोन में पति-पत्नी की जोड़ी

इस इलाके में फिलहाल दो ही नक्सली सक्रिय बताए जाते हैं— अनुज महतो, जिस पर 15 लाख का इनाम है और जो AK-47 से लैस है, तथा उसकी पत्नी नताशा, जो इंसास राइफल के साथ दस्ते में शामिल है।

एक और इनामी नक्सली सक्रिय

खुफिया रिपोर्ट में रविंद्र गंझू का भी नाम सामने आया है, जिस पर 15 लाख का इनाम है और वह AK-56 राइफल के साथ कोयल शंख क्षेत्र में सक्रिय बताया गया है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि लगातार चल रहे ऑपरेशनों के कारण झारखंड में नक्सल नेटवर्क तेजी से कमजोर हुआ है और आने वाले समय में बचे हुए उग्रवादियों पर भी कार्रवाई तेज की जाएगी।

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