Hazaribagh: हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पहले हुई मासूम बच्ची की दरिंदगी और हत्या के मामले में एसआईटी जांच ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि बच्ची की हत्या अवैध संबंधों का राज खुलने के डर से की गई।
पुलिस इस मामले में बच्ची की एक करीबी महिला रिश्तेदार, उसके प्रेमी और एक स्थानीय नेता को मुख्य साजिशकर्ता मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। तीनों से गहन पूछताछ की गई है, जिसमें कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात गांव में मंगला जुलूस के कारण अधिकतर लोग बाहर थे। इसी दौरान महिला ने अपने प्रेमी को घर बुलाया था। उसी वक्त बच्ची वहां पहुंच गई और दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया।
बताया जा रहा है कि सच्चाई सामने आने के डर से महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर बच्ची की हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को ठिकाने लगाने की भी कोशिश की गई।
घटना के उजागर होने के बाद पूरे राज्य में आक्रोश का माहौल है। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर विरोध तेज कर दिया है और झारखंड बंद के साथ मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए डीजीपी और गृह सचिव को नोटिस जारी किया है। वहीं, पुलिस अधीक्षक भी कोर्ट में वर्चुअली पेश हो चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, जांच में मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) एक अहम कड़ी के रूप में सामने आया है। हजारीबाग पुलिस जल्द ही इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर सकती है।
यह घटना राज्य में कानून-व्यवस्था और महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।