रांची: झारखंड में फैले संगठित अपराध के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। रांची पुलिस ने एयरपोर्ट थाना कांड में गिरफ्तार अमन कुमार सिंह उर्फ कुबेर के बयान के आधार पर ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिसकी जड़ें सोशल मीडिया से लेकर विदेशों तक फैली हैं।
फेसबुक बना अपराध की एंट्री गेट
पलामू के चैनपुर निवासी अमन पढ़ाई में होशियार था, लेकिन पैसों के लालच में वह फेसबुक के जरिए अपराध की दुनिया में उतर गया। वह सुजीत सिन्हा के गिरोह ‘कोयलांचल शांति सेना’ से जुड़ा और जल्द ही लेवी वसूली, हथियारों का हिसाब-किताब और शूटरों के प्रबंधन जैसे काम संभालने लगा।
‘छोटे सरकार टैक्स’ से करोड़ों की उगाही
गिरोह ‘CST’ यानी ‘छोटे सरकार टैक्स’ के नाम पर राज्यभर में व्यवसायियों, डॉक्टरों और इंजीनियरों से भारी रकम वसूल रहा था। अमन के अनुसार, जेल में बंद सुजीत सिन्हा और विदेश में छिपा प्रिंस खान मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे। विरोध करने वालों पर फायरिंग और बमबाजी कर दहशत फैलाई जाती थी।
हथियारों की सप्लाई का बड़ा खुलासा
जांच में सामने आया कि गिरोह विदेशी हथियारों की तस्करी में भी शामिल है। पहले पाकिस्तान के रास्ते पंजाब सीमा से हथियार लाने की कोशिश हुई, लेकिन बाद में मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से जिगाना और ग्लॉक पिस्टल मंगवाई गईं, जिनका इस्तेमाल कई वारदातों में हुआ।
रेस्टोरेंट कांड में हत्या की साजिश
एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के THE-TITOS रेस्टोरेंट से जुड़े मामले में भी बड़ा खुलासा हुआ। मालिक से एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। रकम नहीं मिलने पर 7 मार्च को शूटरों ने रेस्टोरेंट में घुसकर वेटर मनीष गोप की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात के लिए डिजिटल माध्यम से भुगतान किए जाने के सबूत पुलिस को मिले हैं।
एन्क्रिप्टेड ऐप्स से चलता था पूरा नेटवर्क
गिरोह टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सुरक्षित ऐप्स के जरिए ऑपरेट करता था। फर्जी अंतरराष्ट्रीय नंबर और एडिटेड वीडियो-ऑडियो के जरिए व्यापारियों को धमकाया जाता था। जांच में कई ऐसे नाम सामने आए हैं, जो फर्जी पहचान के साथ विदेशों में छिपे हैं।
जांच जारी, और खुलासे संभव
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क अभी और भी बड़े खुलासे कर सकता है। मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।