विधानसभा बजट सत्र में बड़ा फैसला: आउटसोर्सिंग कर्मियों को सीधा भुगतान, आरक्षण नीति होगी अनिवार्य

Mahak Kumari
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Ranchi: विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आउटसोर्सिंग कर्मियों का मुद्दा प्रमुखता से उठा, जिस पर सरकार ने दो अहम घोषणाएं कीं।

सदन में चर्चा के दौरान राज्य के वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को उनका पूरा मानदेय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि बीच में एजेंसियों द्वारा कमीशन काटे जाने के कारण कर्मियों को निर्धारित राशि का लाभ नहीं मिल रहा है।

इस स्थिति को गंभीर मानते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि अब बिचौलियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। तय कमीशन के अलावा किसी प्रकार की कटौती नहीं होने दी जाएगी और शेष संपूर्ण राशि सीधे कर्मचारियों को मिले, इसके लिए स्पष्ट और सख्त नियम बनाए जा रहे हैं।

इसके साथ ही सरकार ने यह भी घोषणा की कि आउटसोर्सिंग के जरिए होने वाली नियुक्तियों में राज्य की आरक्षण नीति का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय और समान अवसर सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी स्तर पर आरक्षण प्रावधानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकार की इन घोषणाओं को आउटसोर्सिंग कर्मियों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इन फैसलों को लागू करने की प्रक्रिया कितनी जल्द और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ती

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