रांची: झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति अब खत्म होने की कगार पर है। राज्य के वित्त विभाग ने स्पेशल सेक्रेट्री स्तर के अधिकारियों का ग्रेड-पे 8,900 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। अब अंतिम मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव राज्य कैबिनेट के पास भेजा गया है।
यह मामला बजट सत्र के दौरान जोरदार तरीके से उठा था। झामुमो विधायक निरल पूर्ति ने सरकार से सवाल किया था कि अलग-अलग पद होने के बावजूद संयुक्त सचिव और अपर सचिव का वेतनमान समान क्यों रखा गया है। इस पर संसदीय कार्य सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने नियमों के अनुसार समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया था।
दरअसल, केंद्र सरकार में कमिश्नर स्तर के अधिकारियों के लिए 10,000 ग्रेड-पे का प्रावधान है, जिसे राज्य में लागू करने को लेकर पहले संशय की स्थिति बनी हुई थी। लेकिन अब वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद इस दिशा में रास्ता साफ हो गया है।
इस निर्णय से अधिकारियों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है और उन्हें उनके पद के अनुरूप सम्मान और आर्थिक लाभ मिलेगा। पदोन्नति के बावजूद समान वेतनमान से उत्पन्न असंतोष भी अब खत्म हो सकता है।
फिलहाल, सभी की नजरें राज्य कैबिनेट की अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है।