Ranchi: झारखंड सरकार राज्य के उन हजारों श्रमिकों के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है, जो रोजगार की तलाश में विदेश जाते हैं। बिचौलियों के शोषण और धोखाधड़ी से बचाने के लिए सरकार “झारखंड ओवरसीज इम्प्लॉयमेंट (रेगुलेशन, फैसिलिटेशन एंड वेलफेयर) एक्ट” लाने की तैयारी में है। श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग ने इस कानून का मसौदा तैयार कर लिया है।
प्रस्तावित कानून के तहत अब विदेश भेजने वाली सभी कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को राज्य सरकार से पंजीकरण कराना और वैध लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना रजिस्ट्रेशन किसी को भी श्रमिकों को विदेश भेजने की अनुमति नहीं मिलेगी, जिससे फर्जीवाड़े और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी।
सरकार पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित और कानूनी तरीके से विदेश भेजा जा सके। इससे उनके साथ होने वाली ठगी और शोषण की आशंका काफी हद तक खत्म होगी।
नए कानून में बिचौलियों की भूमिका पर सख्ती से रोक लगाने का भी प्रावधान है। केवल अधिकृत एजेंसियां ही विदेश रोजगार के लिए श्रमिकों की भर्ती कर सकेंगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार सभी प्रवासी श्रमिकों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करेगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में उनकी जानकारी तुरंत मिल सकेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।