रांची: बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ रांची स्थित ईडी की विशेष PMLA अदालत ने आरोप गठित कर दिया है। आरोप गठन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित रहे। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार ने अभियोजन पक्ष यानी ED की ओर से लगाए गए आरोप मुख्यमंत्री को पढ़कर सुनाए। इस पर हेमंत सोरेन ने अदालत से कहा कि लगाए गए सभी आरोप गलत हैं और वह निर्दोष हैं। आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मामले में ट्रायल शुरू होगा। मुख्यमंत्री की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार ने बताया कि अदालत ने अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने का निर्देश दिया है। वहीं अधिवक्ता संजीव सहाय के मुताबिक मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी। इस मामले में मुख्यमंत्री समेत कुल 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित हो चुका है।
हाईकोर्ट में भी चल रही सुनवाई
इससे पहले आरोप गठन की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की खंडपीठ में सुनवाई हुई। अदालत ने ED को सप्लीमेंट्री एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि केवल हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई लंबित होने के आधार पर निचली अदालत से राहत नहीं ली जा सकती। मुख्यमंत्री की याचिका में PMLA की धारा 44(1)(d) की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाया गया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि विशेष अदालत में PMLA के तहत ट्रायल की प्रक्रिया सामान्य सेशन कोर्ट में आपराधिक मामलों के ट्रायल की तरह संचालित होनी चाहिए। हाईकोर्ट में हेमंत सोरेन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस. नागामुथु ने पक्ष रखा। वहीं ED की ओर से VC के माध्यम से ASGI एस.वी. राजू, वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा।